चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी जारी, पंजीकरण के बाद मिलेगा दर्शन टोकन

देहरादून : चारधाम यात्रा 2026 को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। सरकार ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही श्रद्धालुओं को कम से कम सात दिन का यात्रा […] The post चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी जारी, पंजीकरण के बाद मिलेगा दर्शन टोकन appeared first on Dainik Uttarakhand.

Apr 21, 2026 - 18:33
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चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी जारी, पंजीकरण के बाद मिलेगा दर्शन टोकन
चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी जारी, पंजीकरण के बाद मिलेगा दर्शन टोकन

चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी जारी, पंजीकरण के बाद मिलेगा दर्शन टोकन

देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नई मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। सरकार ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही श्रद्धालुओं को कम से कम सात दिन का यात्रा योजना बनाकर आने की सलाह दी गई है, ताकि ऊंचाई और मौसम के अनुसार शरीर खुद को अनुकूल बना सके।

पंजीकरण प्रक्रिया

सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। यह प्रक्रिया पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के तहत आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी होगी। श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन या भौतिक काउंटरों के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण पूरा होने के बाद यात्रियों को एक मैसेज मिलेगा, जिसमें क्यूआर कोड और एक यूनिक आईडी नंबर होगा।

यात्रा सुरक्षा के उपाय

धामों में अधिकृत ‘यात्री मित्र’ इस क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्रियों की पहचान सत्यापित करेंगे, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित तिथि पर ही धाम में प्रवेश मिलेगा। दर्शन के लिए टोकन पंजीकरण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जारी किया जाएगा। भौतिक सत्यापन की व्यवस्था बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में की गई है।

स्वास्थ्य संबंधी निवारक उपाय

सरकार ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और कम वायुदाब के कारण स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए कम से कम सात दिन की यात्रा योजना बनाने की सलाह दी गई है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट और नियमित दवाइयां साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रा के दौरान सावधानियाँ

साथ ही यातायात पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करने और केवल अधिकृत सेवाओं का उपयोग करने को कहा गया है। मौसम और आपदा संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यात्रियों से ‘सचेत’ मोबाइल एप डाउनलोड करने की अपील की है। इस एप के जरिए प्राकृतिक आपदाओं की रियल टाइम जानकारी मिलेगी। किसी भी साइबर अपराध की सूचना राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। यात्रा संबंधी सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0135-2559898 और टोल फ्री नंबर 1364 जारी किए गए हैं।

निष्कर्ष

चारधाम यात्रा 2026 के लिए सरकार की नई एसओपी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के साथ ही यात्रा को सुव्यवस्थित बनाती है। पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से होने वाले सुरक्षा उपाय न केवल श्रद्धालुओं के जीवन को सुरक्षित करेंगे, बल्कि यात्रा अनुभव को भी बेहतर बनाएंगे। इसलिए, श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाएं।

इस प्रकार, चारधाम यात्रा 2026 के लिए बदले हुए नियम और दिशा-निर्देशों के साथ, श्रद्धालु अब अपने धर्मस्थलों की यात्रा को एक नई सुरक्षा और व्यवस्था के साथ अनुभव कर सकेंगे।

लेखक: साक्षी शर्मा, प्रिया वर्मा, और पूजा सिंह, टीम avpganga

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