महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध सरकार: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना' के तहत स्टॉल का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने में मदद करेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध सरकार: धामी
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देहरादून, 24 अगस्त: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना' के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्टॉल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जिलों की महिलाओं के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत की और वहां प्रदर्शित राखियों एवं अन्य उत्पादों की सराहना की।
महिलाओं को बाजार में बेहतर अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से 'सशक्त बहना उत्सव' रक्षा बंधन से पंद्रह दिन पहले शुरू होगा, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों को विपणन करने के लिए अधिक समय और अवसर मिलेगा। वर्चुअली जुड़ी महिलाओं ने इस योजना के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया, कहते हुए कि सरकारी पहलों और बाजार समर्थन ने उनके लिए नए आजीविका के अवसर खोले हैं और आर्थिक आत्मनिर्भरता में मदद की है।
स्थानीय उत्पादों की प्रोत्साहना
धामी ने सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे इन स्टॉल से सामान खरीदकर महिलाओं के समूहों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना महिलाओं की मेहनत और कौशल का सम्मान करता है, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
सरकार की योजनाएं और उनके प्रभाव
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि 'सशक्त बहना उत्सव योजना' 2023 में शुरू की गई थी, जिससे 4,480 स्टॉल 95 विकास खंडों में लगाए गए हैं, जिनकी बिक्री 12.50 करोड़ रुपये रही है।
महिलाओं के लिए नई संभावनाएं
धामी ने बताया कि राज्य सरकार बाजार की व्यवस्था को मजबूत कर रही है और 'सशक्त बहना बाजार' बनाने की योजनाएं भी हैं। इसमें स्थानीय उत्पादों को पर्यटन स्थलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और होटलों से जोड़ा जाएगा। 'हाउस ऑफ हिमालयास' ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है और एक समान नागरिक संहिता का कार्यान्वयन उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव धीरज गर्ब्याल, अतिरिक्त सचिव झरना कम्थन, अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह और सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
लेख: नीता शर्मा, सुमन रानी, टीम AVP Ganga
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