उत्तराखंड: 'सशक्त बहना उत्सव' से 3 लाख महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी', CM धामी ने बढ़ाया हौसला
उत्तराखंड में 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव' ने महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। तीन लाख से अधिक महिलाएं अब 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। (kam sabdo me kahein)
सशक्त बहना उत्सव: महिलाओं की नई पहचान
उत्तराखंड में हाल ही में आयोजित 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव' ने महिलाओं के लिए एक नया अध्याय लिखा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिलाएं अब 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उत्सव का उद्घाटन करते हुए महिलाओं के आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की सराहना की।
महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह उत्सव महिलाओं के समूहों के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ना आवश्यक है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनेंगी।
विकासखंडों में बिक्री का बड़ा आंकड़ा
पिछले तीन वर्षों में 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉलों के माध्यम से करीब 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अब अपने उत्पादों के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ रही हैं।
समुदाय में सकारात्मक बदलाव
इस पहल ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। 'लखपति दीदी' बनने के बाद, महिलाएं अब अपने परिवारों और समुदायों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।
आगे का रास्ता
मुख्यमंत्री धामी ने इस उत्सव के माध्यम से यह भी बताया कि भविष्य में और अधिक ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं को और अधिक अवसर मिल सकें। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस प्रकार, 'सशक्त बहना उत्सव' ने महिलाओं को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी है, बल्कि उनके हौसले को भी बढ़ाया है। महिलाओं की यह नई पहचान समाज में एक नई रोशनी लेकर आई है।
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