विकसित भारत 2047 की नींव है उच्च शिक्षा: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विकसित भारत 2047 की नींव है उच्च शिक्षा: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून, 30 मई: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक स्थानीय कॉलेज में 'विकसित भारत-2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्व' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखे हैं, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना
मुख्यमंत्री धामी ने assert किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्राचीन गौरव को बहाल करने के उद्देश्य से की गई एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह नीति समग्र विकास, नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देकर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल शिक्षण केंद्रों के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित होना चाहिए। आप इस बारे में अधिक जानकारी https://avpganga.com पर प्राप्त कर सकते हैं।
नवाचार और वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक प्रमुख वैश्विक स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। वहीं, 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों ने राष्ट्र की विकास यात्रा को गति दी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक मजबूत वैश्विक पहचान स्थापित कर रहा है।
उत्तराखंड में शिक्षा का सुदृढ़ीकरण
धामी ने याद दिलाया कि उत्तराखंड हमेशा से शिक्षा, ज्ञान और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन लर्निंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में स्थापित 'सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज' भारतीय ज्ञान परंपराओं के अध्ययन और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
युवाओं को कौशल और नेतृत्व से लैस करना
मुख्यमंत्री ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप युवाओं को कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से लैस करने की आवश्यकता पर और जोर दिया। इसके लिए, राज्य सरकार उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय, इंटर्नशिप, उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम, साथ ही स्टार्टअप और इनक्यूबेशन केंद्रों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी चाहने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।
विकसित भारत 2047 के संकल्प में योगदान
धामी ने उपस्थित शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में अपने ज्ञान और अनुभव का सक्रिय रूप से योगदान करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राज्यसभा सदस्य एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण सहित विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षाविद, विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी मौजूद थे।
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