उत्तराखंड में बिल्डरों के पंजीकरण और अवैध निर्माण पर सख्त दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में रियल एस्टेट से जुड़े नियमों में सुधार की प्रक्रिया शुरू की है। इससे अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा उत्तराखंड में रियल एस्टेट से जुड़े नियमों में सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य बिल्डरों के पंजीकरण और अवैध प्लॉटिंग तथा निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। यह कदम सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के विजन को आगे बढ़ाते हुए उठाया गया है।
समीक्षा बैठक का आयोजन
इस संदर्भ में, सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में रेरा (उत्तराखण्ड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण) की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की निगरानी और शिकायत निस्तारण के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बिल्डरों का पंजीकरण
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बिल्डरों का पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित और संरक्षित निवेश का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण
अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के मामलों में सख्ती बरतने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल नागरिकों की संपत्ति की रक्षा करेगा, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में अनुशासन भी लाएगा।
भविष्य की योजनाएँ
इस सुधार प्रक्रिया के तहत, रेरा की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की योजना है। इसके अंतर्गत, शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, रियल एस्टेट परियोजनाओं की निगरानी को भी प्रभावी बनाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह प्रयास उत्तराखंड के रियल एस्टेट बाजार में स्थिरता और पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे न केवल बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी एक सुरक्षित निवेश का अवसर मिलेगा।
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