क्या अशिष्टता और बर्बरता अब नया फैशन बन गया है?
अशिष्टता और बर्बरता आज की युवा पीढ़ी में एक नए ट्रेंड के रूप में उभर कर सामने आ रही है। क्या यह हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है? (kam sabdo me kahein)
क्या अशिष्टता और बर्बरता अब नया फैशन बन गया है?
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लेखिका: राधिका शर्मा, साक्षी वर्मा, टीम AVP Ganga
आजकल की युवा पीढ़ी में अशिष्टता और बर्बरता एक नया ट्रेंड बनते जा रहे हैं। क्या यह हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है? यह सवाल आजकल हर जगह उठ रहा है। पिछले कुछ दशकों में हम देख रहे हैं कि बच्चों की परवरिश में बदलाव आया है। हमारे बुजुर्गों ने एक सख्त माहौल में पले-बढ़े बच्चों को हमेशा सिखाया है कि कैसे सही तरीके से व्यवहार करना चाहिए। लेकिन आज की युवा पीढ़ी को यह सब सिखाने वाला कोई नहीं है।
संस्कारों की कमी
अधिकतर माता-पिता आजकल काम में बहुत व्यस्त रहते हैं। दोनों माता-पिता की नौकरी होने के कारण बच्चों को वैसा ध्यान नहीं मिल पाता। नतीजतन, बच्चे अब अपने माता-पिता को केवल एक ATM की तरह देखते हैं। वे अपने व्यक्तिगत जीवन का समर्थन सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों और अजनबियों से लेते हैं। यह स्थिति उन्हें कमजोर बनाती है, और कई बार वे अपनी जान को भी खतरे में डालते हैं।
अनुशासन का अभाव
आजकल के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाते हैं, जहाँ उनकी स्वतंत्रता बढ़ जाती है। यह स्वतंत्रता उन्हें कई जोखिम भरे व्यवहारों की ओर ले जाती है। बर्बरता अब एक नया फैशन बन गया है। यह बात सच है कि आजकल सामाजिक मीडिया पर लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए युवा वर्ग अशिष्टता का सहारा ले रहा है।
संस्कृति का प्रभाव
बॉलीवुड फिल्में, स्टैंड-अप कॉमेडी और विभिन्न टीवी शो में अशिष्टता और बर्बरता का स्तर बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एक मेडिकल छात्रा ने एक मृत शरीर का अपमान किया, जो कि चिकित्सा शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। सर्वेक्षण बताते हैं कि 9 से 17 वर्ष के बच्चों में सामाजिक मीडिया का अत्यधिक उपयोग समस्याएँ पैदा कर रहा है।
क्या यह समय है बदलाव का?
एक सभ्य समाज को अच्छी भाषा, सहानुभूति, शिष्टाचार, और आपसी सम्मान से बनता है। हमें इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। क्या हम इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए अब भी समय पर हैं? यह एक बड़ा सवाल है, लेकिन हमें अपने बच्चों को सिखाना होगा कि सही व्यवहार क्या है।
अंत में, हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारी भाषा और आचरण हमारे असली मूल्यों का परिचायक है। आइए हम सब मिलकर इस दिशा में प्रयास करें।
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