पंचकेदार यात्रा 2026 का आगाज: Tungnath Temple के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, डोली यात्रा कार्यक्रम जारी
देहरादून/रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड में आस्था के प्रमुख केंद्र पंचकेदार यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वैशाखी के पावन अवसर पर भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि विधिवत घोषित कर दी गई है। इस वर्ष तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। मंदिर के पुजारी विजय भारत […] The post पंचकेदार यात्रा 2026 का आगाज: Tungnath Temple के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, डोली यात्रा कार्यक्रम जारी appeared first on Dainik Uttarakhand.
पंचकेदार यात्रा 2026 का आगाज: Tungnath Temple के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, डोली यात्रा कार्यक्रम जारी
देहरादून/रुद्रप्रयाग: देवभूमि उत्तराखंड में आस्था के प्रमुख केंद्र पंचकेदार यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वैशाखी के पावन अवसर पर भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि विधिवत घोषित कर दी गई है। इस वर्ष तुंगनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। मंदिर के पुजारी विजय भारत मैठाणी और मंदिर समिति ने ग्रामीणों की उपस्थिति में तिथि की घोषणा की।
डोली यात्रा का कार्यक्रम
यात्रा के पहले पड़ाव पर भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली 20 अप्रैल को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कू गांव से प्रस्थान करेगी। यहां से डोली पंडखि में भोग अर्पित कर रात्रि विश्राम भूतनाथ मंदिर में करेगी। 21 अप्रैल को यह डोली भूतनाथ मंदिर से पाब गांव, चलियाखोड़ और बनियाकुंड होते हुए दूसरे पड़ाव चोपता पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
22 अप्रैल की सुबह, डोली चोपता से तुंगनाथ धाम के लिए रवाना होगी और लगभग 11 बजे मंदिर पहुंच कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
अन्य केदारनाथ मंदिरों के कपाट खोलने की तिथि
इसी बीच, द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर के कपाट भी 21 मई को खोले जाएंगे। इसकी घोषणा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में की गई है। इस साल के पंचकेदार यात्रा के साथ, क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
गौरीकुंड में गौरीमाई मंदिर के कपाट
गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर के कपाट भी वैशाखी पर्व पर विधि-विधान से खोले गए हैं। यहां सुबह पूजा-अर्चना के बाद माता की भोग मूर्तियों को गौरी गांव से गौरीकुंड लाया गया और मंदिर में स्थापित कर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए हैं। यह दिखाता है कि चारधाम और पंचकेदार यात्रा को लेकर प्रदेश में भक्तों के बीच खासा उत्साह है।
यात्रा की तैयारियाँ
विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठन यात्रा को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने भी यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।
इस यात्रा के संदर्भ में और अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट https://avpganga.com पर जाएं।
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