टिहरी में तेज आंधी-तूफान से झील में फंसे पर्यटक, SDRF ने 30 लोगों को सुरक्षित निकाला

टिहरी गढ़वाल के डोबरा-चाटी क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के कारण फ्लोटिंग हटमेंट क्षतिग्रस्त हो गए। SDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। Source

May 3, 2026 - 00:33
 132  3.4k
टिहरी में तेज आंधी-तूफान से झील में फंसे पर्यटक, SDRF ने 30 लोगों को सुरक्षित निकाला
टिहरी में तेज आंधी-तूफान से झील में फंसे पर्यटक, SDRF ने 30 लोगों को सुरक्षित निकाला

टिहरी में तेज आंधी-तूफान से झील में फंसे पर्यटक, SDRF ने 30 लोगों को सुरक्षित निकाला

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Avp Ganga

हाल ही में टिहरी गढ़वाल के डोबरा-चाटी क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान ने वहां मौजूद पर्यटकों के लिए संकट पैदा कर दिया। इस भयावह तूफान के चलते फ्लोटिंग हटमेंट क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके नतीजे में कई पर्यटक झील में फंस गए। लेकिन राहत की बात यह है कि एसडीआरएफ ने तत्परता के साथ अभियान चलाकर 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

तूफान के कारण उत्पन्न स्थिति

जैसे ही आंधी-तूफान ने दस्तक दी, तेज हवाओं और बारिश के कारण फ्लोटिंग हट में रहने वाले पर्यटकों के लिए स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई। पर्यटक खुद को सुरक्षित अनुभव नहीं कर पा रहे थे। एसडीआरएफ ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें नावों के माध्यम से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया।

एसडीआरएफ की महत्त्वपूर्ण भूमिका

एसडीआरएफ ने अपनी तत्परता और तुंरत कार्रवाई से सभी को राहत पहुंचाई। उनकी टीम ने न केवल झील में फंसे पर्यटकों को निकाला बल्कि उन्हें इस खतरनाक स्थिति से सुरक्षित बाहर लाने का कार्य बड़े कुशलता के साथ किया। यह इस बात का प्रमाण है कि ऐसी आपात स्थिति में सरकारी एजेंसियों का योगदान कितना महत्त्वपूर्ण होता है।

पर्यटकों के अनुभव

रेस्क्यू के बाद, फंसे हुए पर्यटक अपनी इस अनुभव को साझा करते दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि कैसे अचानक मौसम बदल गया और उन्होंने किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं की थी। कुछ पर्यटकों ने कहा कि एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें समय रहते सुरक्षित निकालकर उनके जीवन की रक्षा की।

निष्कर्ष

यह घटना यह सिद्ध करती है कि प्रकृति के सामने हमारी योजना और तैयारी कितनी भी ठोस क्यों न हो, वह चाले बदल सकती है। हम सभी को मौसम के बारे में सजग रहना चाहिए और ऐसी अप्रत्याशित स्थितियों के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। एसडीआरएफ की तत्परता ने न केवल इन पर्यटकों की जान बचाई, बल्कि यह भी दिखाया कि जब सामूहिक प्रयास होते हैं, तो स्थिति को ठीक किया जा सकता है।

अधिक अपडेट के लिए, विजिट करें: Avp Ganga

Keywords:

Tourists trapped in lake, Tehri storm, SDRF rescue operation, India news, environmental safety, emergency response, Uttarakhand tourism, weather update, tourist safety, floating huts

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow