Ola-Uber का गजब खेल! एप्पल-एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वसूला अलग किराया, अब सरकार ने भेजा नोटिस

करीब एक माह पहले केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा था कि एक ही सवारी के लिए एंड्रॉयड डिवाइस और आईफोन पर एक साथ प्रदर्शित किराए में असमानता प्रथम दृष्टया अनुचित व्यापार व्यवहार प्रतीत होता है।

Jan 24, 2025 - 11:33
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Ola-Uber का गजब खेल! एप्पल-एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वसूला अलग किराया, अब सरकार ने भेजा नोटिस
Ola-Uber का गजब खेल! एप्पल-एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वसूला अलग किराया, अब सरकार ने भेजा नोटिस

Ola-Uber का गजब खेल! एप्पल-एंड्रॉयड यूजर्स के लिए वसूला अलग किराया, अब सरकार ने भेजा नोटिस

AVP Ganga

लेखिका: साक्षी शर्मा, टीम नेटानागरी

हाल ही में ओला और उबर जैसी प्रसिद्ध कैब सेवाओं ने एक विवादास्पद विषय पर ध्यान खींचा है। एप्पल और एंड्रॉयड सिस्टम के उपयोगकर्ताओं से अलग किराया वसूलने को लेकर सरकार ने इन कंपनियों को नोटिस जारी किया है। इस खबर से न केवल अधिकतर यूजर्स बल्कि सरकार के अधिकारियों तक में हलचल मच गई है।

क्या है मामला?

दुनिया भर में ओला और उबर के उपयोगकर्ता बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में इन कंपनियों ने अपने एप्पल और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए किराये में गैर-बराबरी करने का आरोप झेला है। रिपोर्टों के अनुसार, एप्पल यूजर्स को उबर प्लेटफार्म पर किराया अधिक लगता है जबकि एंड्रॉयड यूजर्स के लिए किराये की दर कम होगी।

सरकार का कदम

इस असमानता को देखते हुए, सरकार ने ओला और उबर को नोटिस भेजा है जिसमें इनसे जवाब मांगा गया है। यह कदम सरकार द्वारा उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत उठाया गया है। इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रही है और यूजर्स के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उपभोक्ता का नजरिया

उपभोक्ताओं का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है और हर ग्राहक को समान सेवा मिलनी चाहिए। एप्पल यूजर्स का मानना है कि उन्हें अधिक पैसे देने के बावजूद बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसी प्रकार एंड्रॉयड यूजर्स भी यह महसूस कर रहे हैं कि उन्हें कम किराया देना सही नहीं है। उपभोक्ता संगठनों ने भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है।

क्या हैं संभावित परिणाम?

यदि ओला और उबर अपने किराए की नीति में बदलाव नहीं लाते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं का विश्वास भी इन कंपनियों पर से उठ सकता है, जिससे उनकी व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा।

निष्कर्ष

ओला और उबर के बीच होने वाली ये स्थिति न केवल राइड-हेलिंग उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उपभोक्ता सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी उम्मीद जगाती है। सरकार का द्वारा किया गया कदम दर्शाता है कि वह भेदभाव को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है। एप्पल और एंड्रॉयड यूजर्स के बीच किराया असमानता को समाप्त करने के लिए आने वाले दिनों में क्या कदम होंगे, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।

जानकारी के लिए और अपडेट्स के लिए, कृपया avpganga.com पर जाएं।

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