UNSC में स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दहाड़, बिना नाम लिए चीन को जमकर रगड़ा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता में वृद्धि नहीं करने के मामले पर भारत ने फिर इसके सदस्यों को फटकार लगाई है। भारत ने विशेषकर चीन को उसका नाम लिए बिना जमकर धोया है।

Feb 19, 2025 - 18:33
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UNSC में स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दहाड़, बिना नाम लिए चीन को जमकर रगड़ा
UNSC में स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दहाड़, बिना नाम लिए चीन को जमकर रगड़ा

UNSC में स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दहाड़, बिना नाम लिए चीन को जमकर रगड़ा

लेखिका: साक्षी शर्मा, टीम नेटानागरी

भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब भारत ने सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर अपने अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठाई। हाल ही में हुए एक संवाद में, भारतीय प्रतिनिधि ने बिना चीन का नाम लिए, उसके तर्कों को जमकर खारिज किया। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि भारत किस प्रकार UNSC में अपनी स्थाई सदस्यता की मांग को मजबूत कर रहा है और वैश्विक स्तर पर इसकी पृष्ठभूमि क्या है।

UNSC की स्थायी सदस्यता: एक ऐतिहासिक आवश्यकत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता का मुद्दा लंबे समय से भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। 1945 में स्थापित होने के बाद से, UNSC में केवल पांच देश - अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, और ब्रिटेन को स्थायी सदस्यता प्राप्त है। भारत, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है, ने हमेशा इस बात का समर्थन किया है कि उसे भी स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।

भारत की स्थिति और चीन पर कटाक्ष

हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, भारतीय प्रतिनिधि ने ये स्पष्ट किया कि UNSC में सुधार की आवश्यकता है और सभी देशों को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए चीन को सीधे तौर पर चेतावनी दी कि वे UNSC में अपने नकारात्मक तर्कों को छोड़ दें और विकासशील देशों के हितों का सम्मान करें। यह बयान इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक कूटनीति में ज्यादा सक्रिय और मुखर हो रहा है।

वैश्विक समर्थन और प्रतिक्रिया

भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को कई देशों का समर्थन प्राप्त है। अमेरिका, जापान और कई अन्य देशों ने इस दिशा में कदम उठाने का पक्ष लिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती शक्ति और प्रभाव को देखते हुए, UNSC में स्थायी सदस्यता हासिल करना केवल समय की बात है।

निष्कर्ष

भारत की UNSC में स्थायी सदस्यता की मांग एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम है। बिना नाम लिए चीन पर किए गए हमले से यह स्पष्ट है कि भारत अपने अधिकारों को लेकर गंभीर है। भविष्य में, यह देखा जाना है कि भारत किस प्रकार से अन्य देशों के साथ मिलकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाता है।

इस प्रकार, भारत के मजबूत और साहसी कदमों के साथ यह निश्चित होता जा रहा है कि वह वैश्विक स्तर पर अपने स्थान को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस विषय पर और अपडेट के लिए, कृपया avpganga.com पर जाएं।

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