Uttarakhand: एलयूसीसी चिटफंड धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पांच लोग गिरफ्तार
देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी देश के अलग-अलग हिस्सों से की गई है। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में Sushil Gokhru, Rajendra Singh […] The post Uttarakhand: एलयूसीसी चिटफंड धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पांच लोग गिरफ्तार appeared first on Dainik Uttarakhand.
Uttarakhand: एलयूसीसी चिटफंड धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, पांच लोग गिरफ्तार
देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी देश के अलग-अलग हिस्सों से की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में Sushil Gokhru, Rajendra Singh Bisht, Tarun Kumar Maurya, Gaurav Rohilla और Mamta Bhandari शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
चिटफंड धोखाधड़ी का गंभीर मामला
इस मामले को लेकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए सीबीआई ने बताया कि एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में करीब 1 लाख से अधिक निवेशकों को चूना लगाया गया है। साल 2025 में उच्च न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को जांच सौंपने के आदेश दिए थे। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने विभिन्न जमा योजनाओं के जरिए लगभग 800 करोड़ रुपये निवेशकों से जुटाए थे, जिसमें से 400 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है।
आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने ठगी से अर्जित राशि का उपयोग कर कई अचल संपत्तियां भी खरीदी थीं। इन संपत्तियों की जानकारी उत्तराखंड के वित्त विभाग को भेजी गई है, ताकि उन्हें फ्रीज़ कर पीड़ित निवेशकों को राहत प्रदान की जा सके। ऐसा लगता है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, क्योंकि इस मामले में कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
मुख्य आरोपी की तलाश
इस मामले का मुख्य आरोपी Sameer Agrawal, जो कि अपने साथी पत्नी Sania Agrawal के साथ विदेश भाग निकला है, उसकी तलाश के लिए सीबीआई ने नोटिस और सर्कुलर भी जारी कर दिए हैं। सीबीआई इस प्रकरण में संलग्न सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
निवेशक सुरक्षा के उपाय
इस केस के जरिए यह भी सिद्ध होता है कि निवेशकों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और उनकी प्रभावी निगरानी कितनी आवश्यक है। राज्य और केंद्र सरकार को एक समर्पित नीति तैयार करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
सीबीआई की जांच फिलहाल जारी है, और यह स्पष्ट है कि इस मामले के साथ जुड़े अन्य आरोपी भी जल्द सामने आ सकते हैं। यह घोटाला न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि समाज में विश्वास को भी क्षति पहुँचा रहा है।
अपने निवेश करने के पहले हमेशा सावधान रहें और संदिग्ध योजनाओं से दूर रहें। अगर आपको कोई चिटफंड योजना संदिग्ध लगती है, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस से संपर्क करें।
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लेखिका: साक्षी शर्मा
टीम AVP Ganga
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