अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम पर हरीश रावत का बड़ा हमला, सियासत में गरमी

अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का विरोध करते हुए अंकिता के माता-पिता ने धरना दिया। हरीश रावत ने सरकार पर तीखा हमला किया है।

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अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम पर हरीश रावत का बड़ा हमला, सियासत में गरमी

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम पर हरीश रावत का बड़ा हमला

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अंकिता भंडारी का मामला एक बार फिर से पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध करते हुए अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। इस धरने ने सियासत में तूफान मचा दिया है।

धरने का कारण

अंकिता भंडारी की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में दुष्यंत गौतम का नाम उछलने से उनकी माता-पिता ने धरना देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि जब तक दुष्यंत गौतम को हटाया नहीं जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे। यह धरना न केवल अंकिता के लिए बल्कि सभी उन पीड़ितों के लिए है जो न्याय की तलाश में हैं।

हरीश रावत का तीखा हमला

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस घटनाक्रम पर सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार न्याय की भावना को कुचल रही है और दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाना इस बात का प्रमाण है। रावत ने यह भी कहा कि क्या सरकार को पीड़ितों की आवाज सुनाई नहीं देती?

दुष्यंत गौतम का विवाद

दुष्यंत गौतम का नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल होने के कारण उनके राजनीतिक करियर पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं बल्कि एक VIP विवाद का भी है। इस मामले में यह पूछा जा रहा है कि क्या राजनीतिक संरक्षण के कारण दुष्यंत गौतम को बचाने की कोशिश की जा रही है?

क्या है आगे का रास्ता?

इस धरने और हरीश रावत के हमलों के बाद सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना होगा कि क्या सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम उठाती है या फिर यह मामला यूं ही टलता रहेगा। अंकिता के माता-पिता और सभी पीड़ितों को न्याय मिलना अति आवश्यक है।

निष्कर्ष

अंकिता भंडारी का मामला न केवल एक हत्या का मामला है, बल्कि यह सियासत और न्याय की लड़ाई का प्रतीक भी बन गया है। इस धरने ने एक बार फिर से न्याय की आवाज को बुलंद किया है। हमें उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही कुछ सकारात्मक कार्रवाई होगी।

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