अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा कोहराम, डॉलर और क्रूड ऑयल में भी जबरदस्त गिरावट, भारत पर पड़ेगा असर?

US Stock Market : बेंचमार्क ट्रेजरी पर बॉन्ड यील्ड अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार 4 फीसदी से नीचे आ गई है। गुरुवार को 10 साल की यील्ड में करीब 0.13 फीसदी की गिरावट आई है। यह पिछले साल ट्रंप के चुने जाने के बाद से सबसे निम्न स्तर पर आ गई है।

Apr 4, 2025 - 02:33
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अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा कोहराम, डॉलर और क्रूड ऑयल में भी जबरदस्त गिरावट, भारत पर पड़ेगा असर?
अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा कोहराम, डॉलर और क्रूड ऑयल में भी जबरदस्त गिरावट, भारत पर पड़ेगा असर?

अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा कोहराम, डॉलर और क्रूड ऑयल में भी जबरदस्त गिरावट, भारत पर पड़ेगा असर?

AVP Ganga

लेखक: प्रिया शर्मा, टीम नेतानागरी

परिचय

नवम्बर 2023 में अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा कोहराम और डॉलर तथा क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक नई चुनौती दी है। इस लेख में हम देखेंगे कि यह गिरावट भारत को किस तरह प्रभावित कर सकती है और देश की आर्थिक स्थिति पर इसका संभावित असर क्या हो सकता है।

डॉलर की गिरावट का कारण

डॉलर की गिरावट मुख्यतः अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के संकेत के बिना लागू होने वाले आर्थिक उपायों के कारण हुई है। इसके साथ ही, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और यूक्रेन-रूस युद्ध की स्थिति भी महत्वपूर्ण कारक रहे हैं। इस अस्थिरता का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा और परिणामस्वरूप स्टॉक मार्केट में गिरावट आई।

क्रूड ऑयल का अस्थिर बाजार

क्रूड ऑयल की कीमतें भी घटने लगी हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जा रही हैं। हालांकि, ये गिरावट वैश्विक मांग की कमी की वजह से हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तेल की कीमतें गिरती हैं, तो इसका सीधा असर अनेक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। अमेरिका में तेल की बढ़ती मांग और आपूर्ति की कमी भी इस गिरावट के पीछे एक प्रमुख कारण है।

भारत पर प्रभाव

भारत एक विदेशी निवेश-निर्भर अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी बाजार में इतनी बड़ी गिरावट का प्रभाव भारतीय शेयर बाजारों में भी देखा जा सकता है। पिछले वर्षों में, कई भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में निवेश कर चुकी हैं, जिससे वहां की स्थिति का असर सीधे तौर पर भारतीय निवेशकों पर पड़ता है।

इसके अलावा, डॉलर की कमजोरी भारतीय रुपया को फायदा पहुंचा सकती है, लेकिन क्रूड ऑयल की कीमतें भी घटने पर मोदी सरकार की ऊर्जा नीति पर सवाल उठते हैं। यदि हम फॉरेक्स रिजर्व के स्तर को देखते हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक के लिए यह एक अनिश्चित स्थिति है।

निष्कर्ष

अमेरिकी स्टॉक मार्केट की अस्थिरता और डॉलर-क्रूड ऑयल के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को मरा असर हो सकता है। हमें किसी भी संकट का सामना करने के लिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आशा करते हैं कि इस स्थिति को निपटने के लिए भारत सरकार सही कदम उठाएगी। अधिक जानकारियों के लिए, हमारे साथ जुड़े रहें और avpganga.com पर जाएं।

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