उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट: पिथौरागढ़ के स्कूलों में छुट्टी घोषित, जानें कब तक
काम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के अलर्ट के चलते जिलाधिकारी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को आज, 1 जून 2026 को बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्णय मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लिया गया है।
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उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट: पिथौरागढ़ के स्कूलों में छुट्टी घोषित
पिथौरागढ़, उत्तराखंड: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी को ध्यान में रखते हुए, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और वित्त पोषित स्कूलों में आज, 1 जून 2026 (सोमवार) को छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
मौसम विभाग की चेतावनी और जिला प्रशासन का निर्णय
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तराखंड के कई जनपदों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से कुमाऊं मंडल के जनपदों में अलर्ट जारी किया गया है। पिथौरागढ़ जिला, जो अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अक्सर आपदाओं से प्रभावित होता है, विशेष निगरानी में है। जिलाधिकारी महोदय, पिथौरागढ़ द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि मौसम विभाग की चेतावनी को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, जनपद के समस्त स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
स्कूलों में छुट्टी का आदेश: विस्तृत जानकारी
मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी पत्र संख्या पी०ए० / (1) 11-15 /आपदा/ आदेश/2026-27, दिनांक 01 जून, 2026 के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, माध्यमिक और इंटरमीडिएट स्तर तक के राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों को आज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवकाश का उद्देश्य छात्रों को भारी बारिश और संभावित भूस्खलन या अन्य आपदाओं से बचाना है।
क्या है बारिश का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण उत्तराखंड में अच्छी बारिश की उम्मीद है। हालांकि, अत्यधिक वर्षा से बाढ़, भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। आपदा प्रबंधन दल सक्रिय कर दिए गए हैं और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है।
our commentary: सुरक्षा पहले, शिक्षा बाद में
पिथौरागढ़ जिलाधिकारी का यह निर्णय सराहनीय है। ऐसे समय में जब मौसम अप्रत्याशित हो सकता है, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षा का महत्व निर्विवाद है, लेकिन जीवन की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं। यह एक ऐसा कदम है जो अन्य जनपदों के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकता है, खासकर उन पहाड़ी इलाकों में जहां बारिश का सीधा असर जनजीवन पर पड़ता है। हमारा मानना है कि इस तरह के त्वरित और प्रभावी निर्णय भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी को टाल सकते हैं।
आगे क्या?
प्रशासनिक अधिकारियों से अपील है कि वे मौसम की हर अपडेट पर पैनी नजर रखें और आवश्यकतानुसार ऐसे निर्णय लेने में संकोच न करें। अभिभावकों से भी अनुरोध है कि वे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
यह स्थिति हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के प्रकोप से निपटने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। हमारे संवाददाता, टीम एवीपीजींगा, आपको हर पल की जानकारी देते रहेंगे।
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द्वारा: अंजलि शर्मा और प्रिया सिंह, टीम एवीपीजींगा
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