देवभूमि में बुलडोजर एक्शन: हरिद्वार में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार ध्वस्त, नीचे नहीं मिले कोई अवशेष

उत्तराखंड की धामी सरकार ने देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए हरिद्वार में एक और बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार के सुमन नगर क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजरों से जमींदोज कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ध्वस्तीकरण के बाद इस ढांचे के नीचे किसी भी प्रकार की कोई प्राचीन संरचना नहीं पाई गई।

Apr 22, 2026 - 18:33
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देवभूमि में बुलडोजर एक्शन: हरिद्वार में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार ध्वस्त, नीचे नहीं मिले कोई अवशेष
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देवभूमि में बुलडोजर एक्शन: हरिद्वार में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार ध्वस्त, नीचे नहीं मिले कोई अवशेष

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उत्तराखंड की धामी सरकार ने देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए हरिद्वार में एक और बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार के सुमन नगर क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजरों से जमींदोज कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि ध्वस्तीकरण के बाद इस ढांचे के नीचे किसी भी प्रकार की कोई प्राचीन संरचना नहीं पाई गई।

कार्रवाई का उद्देश्य

उत्तराखंड में लगातार चल रही अवैध निर्माणों के खिलाफ मुहिम के तहत यह ध्वस्तीकरण किया गया। सरकार का मुख्य उद्देश्य देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करना है। ऐसे ढांचों के खिलाफ कार्रवाई करना, जो सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने हैं, इस नीति का हिस्सा है। इस संदर्भ में, हरिद्वार में की गई यह कार्रवाई एक स्पष्ट सिग्नल है कि प्रशासन अब अवैध कब्जों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारी सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए कृतसंकल्पित है। हम बिना किसी भेदभाव के अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि देवभूमि की पवित्रता बरकरार रहे।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आई हैं। कुछ लोग इसे सही ठहराते हैं, जबकि कई का कहना है कि इसकी प्रक्रिया में थोड़ी और पारदर्शिता होनी चाहिए। स्थानीय निवासी रामकृष्ण ने कहा, "यह अच्छा है कि सरकार अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि हमारी प्राचीन संरचनाओं को भी नुकसान न पहुंचे।" दूसरी ओर, सुमन नगर के कुछ निवासियों ने कहा कि अवैध निर्माण को खत्म करना महत्वपूर्ण है ताकि हमारी भूमि की असली पहचान बनी रहे।

ध्वस्तीकरण प्रक्रिया

इस अभियान में प्रशासन ने भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया। बुलडोजर की मदद से मजार को जमींदोज करने की प्रक्रिया का संचालन किया गया। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण थी और किसी भी प्रकार की हिंसा या विवाद से बचने का प्रयास किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

निष्कर्ष

हरिद्वार में हुई इस कार्रवाई ने देवभूमि में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजनेताओं और प्रशासन के लिए यह एक मिसाल है कि वे सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा के प्रति गंभीर हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह की कार्रवाई आगे किस दिशा में बढ़ती है और क्या यह अन्य क्षेत्रों में भी प्रभाव डालेगी।

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लेखिका: अंजलि शर्मा, साक्षी वर्मा, टीम avpganga

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