राज्य अस्पतालों में डिजिटलाइजेशन और 24 घंटे डायलिसिस की दिशा में कदम
राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में डिजिटलाइजेशन और 24 घंटे डायलिसिस सुविधाओं की स्थापना पर जोर दिया गया है।
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लेखक: स्नेहा शर्मा, टीम AVP Ganga
मुख्य सचिव का स्वास्थ्य सेवाओं का समीक्षा बैठक
देहरादून, 18 अगस्त: आज मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति का आकलन किया और गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
NABH मान्यता और डिजिटलाइजेशन पर जोर
मुख्य सचिव ने सभी जिला अस्पतालों और प्रमुख उप-जिला अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय अस्पताल मान्यता बोर्ड (NABH) से 31 मार्च 2027 तक मान्यता प्राप्त करें। अधिकारियों को तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया ताकि अस्पतालों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा कि NABH मान्यता नियमित निरीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करेगी।
ई-हॉस्पिटल सुविधाओं की आवश्यकता
बर्धन ने अस्पतालों के डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया और राज्यभर में एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी समर्थन और वार्षिक रखरखाव अनुबंध की उचित व्यवस्था करने की बात कही।
डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट सेवाओं की स्थापना
मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे डायलिसिस सुविधाओं को चलाने की बात कही और तीन महीने के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सेवाओं की शुरुआत करने के लिए कहा। इस दिशा में आवश्यक बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञ पहले से ही उपलब्ध हैं।
जनता की सुविधाओं में सुधार
बर्धन ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि परिवारों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अधिक सार्वजनिक सेवाओं को अधिकार सेवा अधिनियम के तहत लाना आवश्यक है।
चिकित्सा कॉलेजों में सुधार
मुख्य सचिव ने चिकित्सा कॉलेजों को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संकाय सुनिश्चित करने, वार्ड की गुणवत्ता में सुधार और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सरकारी चिकित्सा कॉलेजों में शाम के ओपीडी शुरू करने की भी सलाह दी।
इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की CEO रीना जोशी, अतिरिक्त सचिव रोहित मीना और सौरभ गहरवार, और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता तम्टा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष
मुख्य सचिव बर्धन के निर्देशों से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। डिजिटलाइजेशन और अन्य सुविधाओं के माध्यम से जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। अधिक अपडेट के लिए, कृपया देखें avpganga.com.
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