श्रीलंका के सिविल सेवकों ने उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया
श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारियों ने उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के मॉडल का अध्ययन किया, जो वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है। (kam sabdo me kahein)
श्रीलंका के सिविल सेवकों ने उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया
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देहरादून, 1 जून: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने आज श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारियों का स्वागत किया। यह दौरा राष्ट्रीय अच्छे शासन केंद्र (NCGG) के अधीन चल रहे क्षमता निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा था। इस दौरान अधिकारियों को राज्य में विकसित आपदा प्रबंधन प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों, प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और सामुदायिक भागीदारी आधारित पहलों के बारे में जानकारी दी गई।
उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल
संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्ला अंसारी की उपस्थिति में, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) और DIG राजकुमार नेगी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उत्तराखंड ने आपदाओं के दौरान प्रभावी और समय पर राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा स्थापित किया है। उन्होंने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOCs) की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
सामुदायिक भागीदारी और सूचना प्रबंधन
नेगी ने कहा कि स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने बताया कि एक बहु-स्तरीय संचार तंत्र विकसित किया गया है ताकि सूचना और चेतावनी संदेश समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र के महत्व पर भी चर्चा की गई।
वैज्ञानिक उपाय और प्रौद्योगिकी का उपयोग
उत्तराखंड लैंडस्लाइड न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. शंतनु सरकार ने राज्य में लैंडस्लाइड जोखिम को कम करने और आपदा की तैयारी को मजबूत करने के लिए उठाए गए वैज्ञानिक कदमों के बारे में जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन तंत्र में गहरी रुचि दिखाई, विशेषकर तकनीकों और मॉडलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अन्य देशों के लिए उपयोगी मॉडल
आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ऐसे अध्ययन कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए प्रभावी मंच के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के बीच अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान संस्थागत दक्षता को बढ़ाता है।
NCGG के सहायक प्रोफेसर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि भारतीय सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय अच्छे शासन केंद्र अच्छे शासन, नीति सुधार, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में कार्य करता है। उन्होंने बताया कि अब तक इस संस्थान ने 52 देशों के सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए हैं और हजारों अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है।
यह अध्ययन यात्रा भारत और श्रीलंका के सरकारों के बीच एक समझौते के तहत आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है।
ऐसे कार्यक्रम न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण दृष्टिकोण भी उपलब्ध कराते हैं।
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