देवाल, बसुकेदार, भिलंगना के बादल फटने से तबाही, 2 लोग लापता, दर्जनों मवेशी बहे
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में फिर से मौसम ने कहर बरपाया है। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार, टिहरी... The post देवाल, बसुकेदार, भिलंगना के बादल फटने से तबाही, 2 लोग लापता, दर्जनों मवेशी बहे appeared first on Uttarakhand Raibar.
देवाल, बसुकेदार, भिलंगना के बादल फटने से तबाही, 2 लोग लापता, दर्जनों मवेशी बहे
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रुद्रप्रयाग और टिहरी में मौसम ने कहर बरपाया
रैबार डेस्क: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर से कहर बरपाया है। रुद्रप्रयाग के बसुकेदार, टिहरी के भिलंगना और चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटनाओं से बड़ा नुकसान होने की खबर है। सीएम धामी ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए राहत और बचाव के आदेश दिए हैं।
आपदा की रात: मूसलधार बारिश और तबाही
बता दें कि रातभर मूसलाधार बारिश जारी रही। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में बादल फटने से मोपटा गांव में भयावह स्थिति उत्पन्न हुई। यहाँ एक मकान ढहने से एक पति-पत्नि लापता हो गए हैं, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मोपटा में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी उपचाराधीन हैं। घर और गोशाला के मलबे में दबने की सूचना मिली है, जिसमें 15 से 20 जानवरों की भी हानि हो सकती है।
कई जगहों में हुई नुकसान की भरपाई
भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी बादल फटा है, लेकिन यहां किसी जनहानि की खबर नहीं है। लेकिन रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार के बड़ेठ और डुंगर तोक इलाके में बादल फटने से खेत और छानिया बह गई हैं। यद्यपि जान के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन पशुधन की काफी हानि देखने को मिल रही है। संपर्क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार का राहत प्रयास
घटना पर मुख्यमंत्री धामी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी रखे हुए है। वे इस संपूर्ण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपदा प्रबंधन सचिव एवं दोनों जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। अधिकारियों को राहत कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मुख्य बातें
- देवाल, बसुकेदार, और भिलंगना में बादल फटने की घटनाएं हुई हैं।
- 2 लोग लापता हैं, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
- बड़ी तादात में मवेशियों की हानि हुई है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर से मौसम की बेरुखी को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन और सरकार के राहत प्रयास हालांकि जारी हैं, लेकिन पीड़ित लोगों की स्थिति चिंता का विषय है। राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है ताकि प्रभावित परिवारों को सही समय पर सहायता मिल सके।
दुर्भाग्य से, ये घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक आपदाओं की असाधारणता को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए। सभी प्रभावित क्षेत्र के निवासी और उनके परिवार को इस कठिन समय में सहयोग की आवश्यकता है।
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