उत्तराखंड के मौलाना को NIA ने 20 घंटे बाद छोड़ा:आतंकी उमर के फोन में मिला था नंबर, हल्द्वानी आकर बोला- मैंने पूरा कॉर्पोरेट किया

दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक मस्जिद के इमाम सहित दो लोगों हिरासत में लिया। NIA ने दिनभर लगभग 20 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार, NIA ने लैपटॉप, फोन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों के मोबाइल नंबर ब्लास्ट में शामिल आतंकी उमर के मोबाइल से मिले हैं। NIA ने दोनों को नैनीताल पुलिस के हवाले कर दिया। नैनीताल पुलिस ने भी पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। रिहा होने के बाद मस्जिद के इमाम मौलवी आसिम ने बताया कि NIA उसे पूछताछ के लिए ले गई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में उससे पूछताछ की गई है और सुरक्षा एजेंसी को उन्होंने कॉर्पोरेट किया। लैपटॉप और फोन ले गया मौलवी ने बताया कि वह लैपटॉप और फोन भी ले गया था। सूत्रों के अनुसार, NIA ने दोनों लैपटॉप और फोन की जांच की है। कागजी कार्यवाही के बाद रात 10:45 बजे दोनों को छोड़ दिया। शुक्रवार रात करीब ढाई बजे NIA और दिल्ली पुलिस की टीम ने मौलवी को बनभूलपुरा से और दूसरे अन्य व्यक्ति को राजपुरा क्षेत्र से पकड़ा है। टीम दोनों को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर गई थी। सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने कुछ दिन पहले ही नैनीताल पुलिस को संभावित खतरे को लेकर सतर्क कर दिया था। इसके बाद जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन सामने आते ही उत्तराखंड पुलिस व इंटेलिजेंस विभाग और भी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस की चेकिंग के PHOTOS देखें... इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता मौलवी आसिम उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल गांव का रहने वाला है। पिछले 3-4 सालों से यहां पर इमाम के तौर पर रह रहा था। वह मस्जिद के पास आवासीय कमरे में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा है। बताया जा रहा है कि इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमाम ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं रखता था। वहीं, जिस दूसरे युवक को राजपुरा से NIA अपने साथ दिल्ली लेकर गई थी। उसके बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों से पता चला है कि ये युवक हिंदू समुदाय का है और इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। एसपी से मिलने पहुंचे मौलवी, कुछ बोलने से किया इनकार दोपहर बाद बनभूलपुरा क्षेत्र के कुछ मौलवी एसएसपी मंजू नाथ टीसी के दफ्तर पहुंचे, यहां पर करीब आधे घंटे तक उन्होंने एसएसपी से बात की, हालांकि इस दौरान क्या बातचीत हुई यह सामने नहीं आया है। दफ्तर से बाहर आए मौलवियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद रात को मौलवी को छोड़ दिया गया। वहीं इस पूरे मामले पर एससपी मंजूनाथ टीसी ने कहा- बीती रात दिल्ली पुलिस और एनआईए की टीम पहुंची थी, उनका पूरा सहयोग किया गया है, मामला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा है, आगे की कार्रवाई दिल्ली से ही की जाएगी। लोगों से अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह ना फैलाएं वर्ना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरीदाबाद का असिस्टेंट प्रोफेसर था उमर डॉ. मोहम्मद उमर नबी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर था। उसने 10 नवंबर को दिल्ली लाल किले के सामने कार बम विस्फोट जैसी आतंकी घटना को अंजाम दिया।हमले में 13 लोग मारे गए और कई घायल हुए। हमले की साजिश में उसके साथी आमिर राशिद अली और अन्य शामिल थे। 9 नवंबर की रात उसने अपनी i20 कार लेकर एटीएम और टोल प्लाजा से होते हुए दिल्ली की ओर रुख किया और 10 नवंबर को आत्मघाती हमला कर दिया।

Nov 30, 2025 - 09:33
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उत्तराखंड के मौलाना को NIA ने 20 घंटे बाद छोड़ा:आतंकी उमर के फोन में मिला था नंबर, हल्द्वानी आकर बोला- मैंने पूरा कॉर्पोरेट किया
दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक मस्जिद के इमाम सहित दो लोगों हिरासत में लिया। NIA ने दिनभर लगभग 20 घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार, NIA ने लैपटॉप, फोन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों के मोबाइल नंबर ब्लास्ट में शामिल आतंकी उमर के मोबाइल से मिले हैं। NIA ने दोनों को नैनीताल पुलिस के हवाले कर दिया। नैनीताल पुलिस ने भी पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया। रिहा होने के बाद मस्जिद के इमाम मौलवी आसिम ने बताया कि NIA उसे पूछताछ के लिए ले गई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में उससे पूछताछ की गई है और सुरक्षा एजेंसी को उन्होंने कॉर्पोरेट किया। लैपटॉप और फोन ले गया मौलवी ने बताया कि वह लैपटॉप और फोन भी ले गया था। सूत्रों के अनुसार, NIA ने दोनों लैपटॉप और फोन की जांच की है। कागजी कार्यवाही के बाद रात 10:45 बजे दोनों को छोड़ दिया। शुक्रवार रात करीब ढाई बजे NIA और दिल्ली पुलिस की टीम ने मौलवी को बनभूलपुरा से और दूसरे अन्य व्यक्ति को राजपुरा क्षेत्र से पकड़ा है। टीम दोनों को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर गई थी। सूत्रों के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने कुछ दिन पहले ही नैनीताल पुलिस को संभावित खतरे को लेकर सतर्क कर दिया था। इसके बाद जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन सामने आते ही उत्तराखंड पुलिस व इंटेलिजेंस विभाग और भी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस की चेकिंग के PHOTOS देखें... इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता मौलवी आसिम उत्तर प्रदेश रामपुर जिले के टांडा दड़ियाल गांव का रहने वाला है। पिछले 3-4 सालों से यहां पर इमाम के तौर पर रह रहा था। वह मस्जिद के पास आवासीय कमरे में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा है। बताया जा रहा है कि इमाम मस्जिद में बच्चों को पढ़ाता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमाम ज्यादा लोगों से संपर्क नहीं रखता था। वहीं, जिस दूसरे युवक को राजपुरा से NIA अपने साथ दिल्ली लेकर गई थी। उसके बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों से पता चला है कि ये युवक हिंदू समुदाय का है और इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। एसपी से मिलने पहुंचे मौलवी, कुछ बोलने से किया इनकार दोपहर बाद बनभूलपुरा क्षेत्र के कुछ मौलवी एसएसपी मंजू नाथ टीसी के दफ्तर पहुंचे, यहां पर करीब आधे घंटे तक उन्होंने एसएसपी से बात की, हालांकि इस दौरान क्या बातचीत हुई यह सामने नहीं आया है। दफ्तर से बाहर आए मौलवियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद रात को मौलवी को छोड़ दिया गया। वहीं इस पूरे मामले पर एससपी मंजूनाथ टीसी ने कहा- बीती रात दिल्ली पुलिस और एनआईए की टीम पहुंची थी, उनका पूरा सहयोग किया गया है, मामला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा है, आगे की कार्रवाई दिल्ली से ही की जाएगी। लोगों से अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह ना फैलाएं वर्ना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फरीदाबाद का असिस्टेंट प्रोफेसर था उमर डॉ. मोहम्मद उमर नबी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर था। उसने 10 नवंबर को दिल्ली लाल किले के सामने कार बम विस्फोट जैसी आतंकी घटना को अंजाम दिया।हमले में 13 लोग मारे गए और कई घायल हुए। हमले की साजिश में उसके साथी आमिर राशिद अली और अन्य शामिल थे। 9 नवंबर की रात उसने अपनी i20 कार लेकर एटीएम और टोल प्लाजा से होते हुए दिल्ली की ओर रुख किया और 10 नवंबर को आत्मघाती हमला कर दिया।

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