करोड़ों के विकास कार्यों में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान पर गिरी गाज, हरिद्वार डीएम का बड़ा एक्शन
हरिद्वार : हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में विकास कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। मामला करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में अनियमितताओं और […] The post करोड़ों के विकास कार्यों में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान पर गिरी गाज, हरिद्वार डीएम का बड़ा एक्शन appeared first on Dainik Uttarakhand.
करोड़ों के विकास कार्यों में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान पर गिरी गाज, हरिद्वार डीएम का बड़ा एक्शन
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हरिद्वार : हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में विकास कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। मामला करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है।
क्यों हुई कार्रवाई?
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में कराए गए सीसी सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी। शिकायत के बाद जांच शुरू की गई। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया।
जांच की प्रक्रिया
जांच के दौरान ग्राम पंचायत के वित्तीय लेन-देन, विकास कार्यों की गुणवत्ता और अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया गया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सीसी सड़क निर्माण और नाली निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए। कई मामलों में एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान लेने की बात भी सामने आई।
अनियमितताओं का खुलासा
जांच टीम ने पाया कि बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर और कार्य पंजिका सहित कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 से जुड़े अभिलेखों में भी भारी खामियां मिलीं। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और धरातल पर किए गए कार्यों में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं।
ग्राम प्रधान की भूमिका
प्रकरण में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कराए गए। कई सड़कें निजी भूमि और व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में बनाई गईं, जो पंचायत नियमों के खिलाफ है। जांच में ग्राम प्रधान बसंती देवी को प्रथम दृष्टा दोषी पाया गया। प्रशासन के अनुसार उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था और आरोपों का उचित खंडन नहीं किया जा सका।
आगे की कार्रवाई
उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 138(1) के तहत कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को पद से हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी धनराशि की वसूली और मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने साफ कहा है कि जनपद में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
इस घटना से स्पष्ट होता है कि हरिद्वार जिले में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है। जिला प्रशासन की यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी एक उदाहरण साबित होगी। यदि ऐसे ही भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई होती रही, तो निश्चित रूप से जनता का विश्वास प्रशासन पर और बढ़ेगा।
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